Description
‘एकात्म यात्रा’ लेखक-विचारक सत्येंद्र त्रिपाठी की अनुभव-संपन्न वैचारिक यात्रा का सशक्त दस्तावेज़ है। यह कृति केवल यात्राओं का संस्मरण नहीं, बल्कि भारत के सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक और नैतिक जीवन को निकट से समझने का एक गंभीर प्रयास है। लेखक ने विभिन्न विश्वविद्यालयों, गाँवों, तीर्थस्थलों और सामाजिक परिवेशों के अनुभवों के माध्यम से भारतीय समाज की विविधता में निहित एकात्म चेतना को खोजने का प्रयास किया है। पुस्तक में नीति, नियत और नेतृत्व के त्रिकोण को राष्ट्रनिर्माण की आधारशिला मानते हुए संवाद, समरसता, अंत्योदय, सांस्कृतिक अस्मिता तथा लोकमंगल जैसे मूल्यों पर सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए गए हैं। संवेदनशील भाषा, आत्मानुभव, वैचारिक गहराई और भारतीय जीवन-दृष्टि से ओतप्रोत यह कृति पाठक को केवल घटनाओं का साक्षी नहीं बनाती, बल्कि उसे आत्ममंथन, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए भी प्रेरित करती है।






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