Description
श्रीरामायन समस्तिका, माया शर्मा द्वारा रचित एक अत्यंत सरस और भक्तिपूर्ण कृति है, जिसे भोजपुरी भाषा के माधुर्य और लोक-जीवन की गहराई के साथ प्रस्तुत किया गया है। इस पुस्तक की मुख्य विशेषता यह है कि इसमें संपूर्ण रामकथा को भोजपुरी घनाक्षरी और उल्लाला छंद के माध्यम से संक्षिप्त और गायन योग्य रूप में ढाला गया है। यह ग्रंथ केवल घटनाओं का वर्णन नहीं करता, बल्कि पात्रों के गहरे मनोभावों और लोक-संस्कृति की सुगंध को समेटे हुए शास्त्र की गरिमा को जन-सामान्य की आत्मा से जोड़ने का प्रयास करता है।इस लघु कृति में भगवान राम के जन्म से लेकर उनके स्वर्गारोहण तक के प्रसंगों का सजीव चित्रण मिलता है। लेखिका ने हनुमान जी की प्रेरणा और अपने परिवार से मिले धार्मिक संस्कारों के आधार पर इस ग्रंथ की रचना की है, जिसमें सीता जी का आत्मसम्मान, भरत का प्रेम और हनुमान की अटूट भक्ति जैसे प्रसंगों को अत्यंत मार्मिक ढंग से उकेरा गया है






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