Description
ग़ज़ल की सर्जनात्मकता का निरंतर विस्तार हो रहा है। पिछले दो-तीन दशकों में ग़ज़ल गायकी के साथ-साथ ग़ज़ल कहने का रिवाज बढ़ा है और हिंदी शायरी की दुनिया इस क्षेत्र में अपने नए मेयार कायम कर रही है। ग़ज़ल की इसी लोकप्रियता को देखते हुए सर्वभाषा एक बेहतरीन ग़ज़ल सीरीज़ लेकर आया है, जिसमें अभी तक 22 शायर शामिल हैं।







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