Dekhat Hanse Dhatura

260.00

By Jayshankar Prasad Dwivedi

Description

‘देखत हंसे धतूरा’ जयशंकर प्रसाद द्विवेदी के बेयासी गो कवितन के नयका संग्रह ह। एने समकालीन भोजपुरी कविता में जेवन किछु कवि लोग लगातार आ अच्छा कविता लिख रहल बा, ओकरा में जयशंकर जी के नाम अगिला क़तार में शामिल कइल जा सकेला। इहां के कविता के जेवन सबसे बड़हन ख़ूबी भा ख़ुसूसियत बा ऊ ई कि ओकरा में आपन तेज बदलत समय के पदचाप सुनल जा सकेला। उहां के कविताई में आपन समय-समाज, आस-पड़ोस, गांव-जवार, खेती-बारी, खेत-खलिहान, बाग-बगइचा, प्रकृति-संस्कृति, प्रदेश, देश आ दुनिया-जहान के बतकही मिलेला। ओकरा में नीक-जबून के ले के एगो हिगरावे वाली दीठि के देखल जा सकेला।

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