Description
‘देखत हंसे धतूरा’ जयशंकर प्रसाद द्विवेदी के बेयासी गो कवितन के नयका संग्रह ह। एने समकालीन भोजपुरी कविता में जेवन किछु कवि लोग लगातार आ अच्छा कविता लिख रहल बा, ओकरा में जयशंकर जी के नाम अगिला क़तार में शामिल कइल जा सकेला। इहां के कविता के जेवन सबसे बड़हन ख़ूबी भा ख़ुसूसियत बा ऊ ई कि ओकरा में आपन तेज बदलत समय के पदचाप सुनल जा सकेला। उहां के कविताई में आपन समय-समाज, आस-पड़ोस, गांव-जवार, खेती-बारी, खेत-खलिहान, बाग-बगइचा, प्रकृति-संस्कृति, प्रदेश, देश आ दुनिया-जहान के बतकही मिलेला। ओकरा में नीक-जबून के ले के एगो हिगरावे वाली दीठि के देखल जा सकेला।



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