Description
पुस्तक ‘निनिया रानी : भोजपुरी लोरियाँ’ में कवि उमाशंकर शुक्ल ‘दर्पण’ ने भोजपुरी लोकजीवन, मातृ-स्नेह और बाल-मन की कोमल संवेदनाओं को अत्यंत आत्मीयता के साथ अभिव्यक्त किया है। यह लोरी-संग्रह केवल बच्चों को सुलाने वाले गीतों का संकलन नहीं, बल्कि भोजपुरी संस्कृति, पारिवारिक आत्मीयता और ग्रामीण परिवेश की जीवंत स्मृतियों का संवेदनशील दस्तावेज है। संग्रह की लोरियों में माँ, दादी, प्रकृति, चाँद, पक्षी, खेत-खलिहान और लोकजीवन के विविध रंग सहज रूप से उपस्थित हैं, जो बालक के प्रति वात्सल्य और सांस्कृतिक संस्कारों का सुंदर वातावरण निर्मित करते हैं। सरल, मधुर और बोलचाल की भोजपुरी भाषा में रचित ये लोरियाँ लोकधर्मी चेतना, प्रकृति-प्रेम तथा सांस्कृतिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण कार्य करती हैं।






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