Description
‘अस्त्र-शस्त्र : एक अनुशीलन’ विद्वान लेखक मार्कण्डेय शार्देय की एक महत्त्वपूर्ण शोधपरक कृति है, जिसमें भारतीय परंपरा में अस्त्र-शस्त्रों की अवधारणा, विकास, स्वरूप और सांस्कृतिक महत्ता का व्यापक एवं प्रामाणिक विवेचन किया गया है। लेखक ने वेद, रामायण, महाभारत, पुराण, धर्मशास्त्र, कोश-ग्रंथों तथा अन्य प्राचीन स्रोतों के आधार पर अस्त्र-शस्त्रों की ऐतिहासिक, दार्शनिक और सांस्कृतिक यात्रा का सुविस्तृत अध्ययन प्रस्तुत किया है। यह ग्रंथ केवल युद्धोपकरणों का परिचय नहीं देता, बल्कि मानव सभ्यता, आत्मरक्षा, वीरता, धर्म, कर्तव्य और शक्ति-संतुलन जैसे गहन प्रश्नों पर भी गंभीर चिंतन करता है। पुस्तक के तीनों खण्ड क्रमशः आयुधों के विकास, देवी-देवताओं के सायुध स्वरूप तथा विविध अस्त्र-शस्त्रों के शास्त्रीय विश्लेषण को समाहित करते हैं, जिससे पाठक भारतीय सैन्य-परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का समग्र बोध प्राप्त करता है। सरल, तर्कपूर्ण और संदर्भसमृद्ध शैली में लिखी गई यह कृति शोधार्थियों, इतिहासकारों, संस्कृत एवं भारतीय ज्ञान-परंपरा के अध्येताओं तथा भारतीय सैन्य-संस्कृति में रुचि रखने वाले सभी पाठकों के लिए समान रूप से उपयोगी और संग्रहणीय है।






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