Description
डॉ. अरविंद यादव द्वारा रचित ‘अनश्वर’ केवल 14वें दलाई लामा की जीवनी नहीं, बल्कि मानवता, करुणा और आध्यात्मिक साहस की अद्भुत गाथा है। वर्षों के गहन शोध, यात्राओं, साक्षात्कारों और तिब्बती इतिहास की जटिल परतों को समझने के बाद लेखक ने इस असाधारण व्यक्तित्व की जीवन-यात्रा को जिस प्रामाणिकता और संवेदना से उकेरा है, वह हिंदी साहित्य के लिए एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि बन जाती है। निर्वासन की पीड़ा, तिब्बती अस्मिता की रक्षा, शांति और अहिंसा की अनवरत साधना तथा विश्व-मंच पर दलाई लामा की नैतिक उपस्थिति—इन सभी आयामों को ‘अनश्वर’ बेहद सुगठित भाषा और मार्मिक शैली में प्रस्तुत करती है। यह पुस्तक न केवल एक आध्यात्मिक नेता के जीवन का परिचय कराती है, बल्कि पाठक को स्वयं के भीतर करुणा, धैर्य और मानवीय संवेदनशीलता के प्रति जागरूक भी करती है। साहित्यिक दृष्टि से यह जीवनी समकालीन हिंदी लेखन में एक मील का पत्थर है, जो पाठकों को दलाई लामा की ‘अनश्वर’ आत्मा के दर्शन कराती है।








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