Description
‘बनारस का स्वाद, काशी की आस्था’ विजय विनीत की ऐसी आत्मीय और सांस्कृतिक पुस्तक है, जिसमें बनारस की आस्था, त्योहारों, लोकपरंपराओं और खान-पान के बीच के गहरे संबंध को रेखांकित किया गया है। पुस्तक का मूल भाव यह है कि काशी को केवल उसके मंदिरों, घाटों और धार्मिक अनुष्ठानों से नहीं, बल्कि उसकी रसोई की महक, त्योहारों की थाली और पीढ़ियों से चली आ रही पाक-परंपराओं के माध्यम से भी समझा जा सकता है। ‘सात वार, तेरह त्योहार’ की बनारसी जीवन-दृष्टि के साथ पुस्तक में छठ, दीपावली, धनतेरस, गोवर्धन पूजा, करवाचौथ, दशहरा, पितृपक्ष, गणेश चतुर्थी, हरतालिका तीज, जन्माष्टमी, सावन, नागपंचमी, रामनवमी, होली, मकर संक्रांति और महाशिवरात्रि जैसे पर्वों के पारंपरिक व्यंजनों तथा व्रत के फलाहारी पकवानों को स्थान दिया गया है।






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