अन्तर्मन का दर्पण

राजेश पुरोहित सांसें गिनती की होती है इन्हें पल पल संभालिए रखिये इन पर पैनी नज़र इनका मोल पहचानिए अन्तर्मन का दर्पण है ये बस इनको ही सवांरिए व्यर्थ न जाने पाए साँसे हर पल ओम में गुजारिए चार दिन का खेल जिंदगी मौज के साथ इसे गुजारिए परहित से बड़ा न काम कोई बस इतना […]

परुली

        -नीलम पांडेय नील परूली (लघुकथा) दिल नी टुट विक , बस जरा सी थेची गो छी । परू हर बखत परूली की धुन में रनेर हई  तब कतु  बार चलते चलते घुरी जनेर हई  ।  विक त अघिल लै परूली,और पछिल लै परूली दिखनेर हई । अब तौं बाकर चराण मलै […]

A parrot with  his sky

A parrot with  his sky  * Kalpana Bhatt A parrot from his would look outside towards the blue sky and wandering clouds .He would move inside it to explore the sky as much as he could as he could see only a limited part of it . It would always attract him .He wanted to […]

Of How

Of How   – Khwaish Gupta As zephyr hit my face today, I was but swayed to be reminded of you. Of how, dancing in the wind, you yearned to reach the heaven. Of how, against the strongest of gales, you struggled to live. Deemed to be worth it. Of how, you alighted in the […]

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साहित्य शिरोमणि विद्यानिवास मिश्र

(14 जनवरी/जन्म-दिवस) भारतीय साहित्य और संस्कृति की सुगन्ध भारत ही नहीं, तो विश्व पटल पर फैलाने वाले डा. विद्यानिवास मिश्र का जन्म 14 जनवरी, 1926 को गोरखपुर (उ.प्र.) के ग्राम पकड़डीहा में हुआ था। इनके पिता पंडित प्रसिद्ध नारायण मिश्र की विद्वत्ता की दूर-दूर तक धाक थी। इनकी माता गौरादेवी की भी लोक संस्कृति में […]

कलम

जब विचार कविता का आकार लेने लगते हैं, तब कलम होकर पैनी, तलवार बनने लगती है, बगैर एक बूंद रक्त बहाये, अपना काम करने लगती है।। जब जुल्म – सितम की आँधियां कहर ढाने लगती हैं, तब किताबें ढ़ाल बनकर सुरक्षा देने लगती हैं, द्वार प्रगति के खोलकर,गुलामी की बेडियां तोडने लगती हैं।। तुम पढ़ो […]

युवा प्रेरणा के अक्षय स्रोत विवेकानंद

जब आदर्श व्यक्तियों की बात आती है तब मेरे मानस पटल पर एक साथ कई चित्र उभरते हैं। दुष्टों का संहार करने के लिए धनुष-धारण किये हुए मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम और अक्षय मुस्कान के धनी कुवलय तथा गुंजाओं से सुशोभित, चारु वेणु-वाद करते श्रीकृष्ण का भी। परन्तु जब ऐतिहासिक महापुरुषों की ओर देखता हूँ […]

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गणेश चौथ पर भेड़ा काटना

माघ मास का गणेश चौथ। गणपति बप्पा मोरया कह कर मूर्ति विसर्जित करने वाला नहीं, माघ के कृष्ण पक्ष का गणेश चतुर्थी व्रत। थोड़ा क्या, स्नातक पास करने और परास्नातक में लोक-साहित्य पढ़ते समय पता चला कि इस व्रत को संकट चौथ भी कहा जाता है। संकट चौथ का यह त्योहार माघ के कृष्ण चतुर्थी […]

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आउ बढि चलू

एक दृढ़ उद्घोष संग आउ बढि चलू नीरव नभ कैं नीलिमा लै चान के शीतलता , वायु के मादकता संग तीक्ष्णता के पार चलू । आउ बढि चलू । सागर कैं कलकल , निर्झर कैं उनमत्त्ता , पर्वत के ऊंचाइ नांघि कटुता मेटवति चलू । आउ बढि चलू । सीख ली निश्छल शैशवतास जीत ली […]

Sarv Bhasha Trust

My Dreams

My dreams now are no more, Are limitless, conditioned A propitious day the angle held me Opened the horizon ahead of me. Though tough it was but I did. A step at time….some baby steps, Holding my hands, walking beside me Gazed in my eyes and set me free. Strange it was in the crowd […]