Kumauni

देवभूमि उत्तराखंड के पारंपरिक लोकवाद्य यंत्र

         देवभूमि उत्तराखण्ड सदैव ही प्राकृतिक सौन्दर्य , आध्यात्मिक, धार्मिक, पर्यटन स्थलों के साथ साथ अपनी लोकसंस्कृति, परंपराओं व सभ्यता के लिए विश्वविख्यात है | लोकसंस्कृति को जीवंत करने व इसे मनोहारी कर्णप्रिय बनाने में कुमांऊ के लोकवाद्य यंत्रों का विशेष महत्व है | इन लोक वाद्य यंत्रों में आज अनेक पारंपरिक […]

‘सर्व भाषा ट्रस्ट’ का प्रथम वार्षिकोत्सव सम्पन्न

भाषा, साहित्य, कला और संस्कृति के संरक्षण-संवर्धन के लिए समर्पित संस्था सर्व भाषा ट्रस्ट द्वारा दिल्ली के साहित्य अकादमी सभागार में प्रथम वार्षिकोत्सव का आयोजन किया गया।अपने स्वागत भाषण में सर्व भाषा ट्रस्ट की परिकल्पना और उसकी योजनाओं पर अध्यक्ष अशोक लव ने विस्तार से चर्चा की। उन्होंने आगामी योजनाओं की भी चर्चा की। सचिव […]

परुली

        -नीलम पांडेय नील परूली (लघुकथा) दिल नी टुट विक , बस जरा सी थेची गो छी । परू हर बखत परूली की धुन में रनेर हई  तब कतु  बार चलते चलते घुरी जनेर हई  ।  विक त अघिल लै परूली,और पछिल लै परूली दिखनेर हई । अब तौं बाकर चराण मलै […]