Bundeli

दीवार

बीच आंगनियाँ दीवार का उठ रई आबो जाबो बंद कर रये । लोग लड़का तौ ठीकई हैं मौडा मौड़ी भी नइँ आ रये । तनक बहस पे दीवार खिंच गयी एक दूसरन ख़ौ आंख दिखा रये । कल तक हंसी ठिठोली होत ती आज बँटवारो करवा रये । अटारी आधी आधी बंट गयी चौके चूल्हे […]