Description
‘भारतीय ज्ञान परम्परा: आर्थिक अवधारणा एवं चिंतक’ पुस्तक प्राचीन भारत के उन आर्थिक विचारों को प्रस्तुत करती है जो आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों के साथ गहराई से जुड़े हुए हैं। प्रो. मनीष शर्मा और उनके सहयोगियों द्वारा संकलित यह कृति भौतिक समृद्धि और आध्यात्मिक पूर्णता के बीच संतुलन बनाने वाले ‘अर्थ’ के महत्व पर प्रकाश डालती ह। इसमें कौटिल्य, मनु, शुक्र और बृहस्पति जैसे महान चिंतकों के सिद्धांतों के साथ-साथ वेदों, उपनिषदों और महाकाव्यों में वर्णित आर्थिक नीतियों का व्यापक विश्लेषण किया गया है। यह पुस्तक प्राचीन भारतीय ज्ञान को आधुनिक संदर्भों में प्रासंगिक बनाते हुए एक न्यायपूर्ण और समावेशी आर्थिक मॉडल की प्रेरणा प्रदान करती है।






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