Description
‘ललकार’ यशपाल निर्मल का डोगरी भाषा का प्रथम सेदोका-संग्रह है, जिसमें जापानी काव्य-विधा सेदोका को डोगरी संवेदना, लोकजीवन और समकालीन चेतना के साथ सफलतापूर्वक जोड़ा गया है। यह कृति केवल एक नई काव्य-विधा का प्रयोग नहीं, बल्कि डोगरी भाषा की रचनात्मक शक्ति और उसकी वैश्विक संवाद क्षमता का सशक्त प्रमाण है। संग्रह में मानवीय संवेदना, सामाजिक विसंगतियाँ, प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी, प्रेम और अध्यात्म जैसे विषय अत्यंत संक्षिप्त किन्तु गहन अभिव्यक्ति में उपस्थित हैं। यशपाल निर्मल ने लोक-संस्कृति, आधुनिक विचार और दार्शनिक दृष्टि को सेदोका के अनुशासित ढाँचे में इस प्रकार रूपायित किया है कि प्रत्येक रचना पाठक को आत्ममंथन और आंतरिक संवाद की ओर प्रेरित करती है।






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