Description
‘अनुगूँज’ हिंदी की सुप्रसिद्ध ग़ज़लकार एवं बहुभाषी साहित्यकार सरोज व्यास का प्रथम लघुकथा-संग्रह है, जिसमें सामाजिक यथार्थ, मानवीय संवेदनाओं, पारिवारिक संबंधों, नैतिक मूल्यों और जीवन की विविध विसंगतियों को अत्यंत सरल एवं प्रभावशाली शैली में प्रस्तुत किया गया है। इस संग्रह में संकलित लघुकथाएँ समाज के बदलते स्वरूप, मानवीय स्वार्थ, नारी-मन की संवेदनाओं, गरीबी, संबंधों की जटिलताओं तथा जीवन-दर्शन जैसे विषयों को गहनता से स्पर्श करती हैं। लेखिका की भाषा सहज, सरस और संप्रेषणीय है, जो पाठकों को आत्ममंथन के लिए प्रेरित करती है। वर्षों से कविता और ग़ज़ल के क्षेत्र में सक्रिय सरोज व्यास ने इस संग्रह के माध्यम से लघुकथा-विधा में भी अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है।






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