साँचो संस्कार भारती गाजियाबाद मे अन्हरिया मे हलचल भइल

संस्कार भारती गाजियाबाद अपना मासिक संगोष्ठी मे भोजपुरी के शलाका पुरुष आचार्य पाण्डेय कपिल के इयाद कइलस । संस्कार भारती के ध्येय गीत आ सरस्वती बंदना के बाद भोजपुरी कवि आ संस्कार भारती शास्त्री नगर इकाई के अध्यक्ष जे पी द्विवेदी के संयोजन आ निर्देशन मे मुख्य अतिथि पूर्वाञ्चल भोजपुरी महासभा के अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव जी आ भोजपुरी कवि मनोज भावुक जी आचार्य पाण्डेय के चित्र पर माल्यार्पण कइने । फेर उहवाँ उपस्थित सभे कवि लोग आचार्य पाण्डेय के पुष्पांजलि अर्पित कइने । एह अवसर हिन्दी आ भोजपुरी के जवन संगम बनल , उ इयाद करे जोग रहे । आवे वाले 25 दिसंबर जवन भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी आ भारत रत्न महामना मदन मोहन मालवीय जी जनम दिन पर सभे कवि लोग अपने कविता , गीत आ गजल से उनुका काव्यांजलि दीहलस । गाजियाबाद के भोजपुरी कवि जयशंकर प्रसाद द्विवेदी आचार्य पाण्डेय कपिल के व्यक्तित्व आ कृतित्व पर आपन बात रखले के बाद अपने भोजपुरी गीत “अन्हरिया मे हलचल भइल” से अटल जी आ महामना मालवीय जी के आपन काव्यांजलि दीहने । गोष्ठी मे करीब दुई दर्जन कवि लोग अपने काव्य सरिता मे सभे के सराबोर कइने ।

भोजपुरी के सुविख्यात कवि मनोज भावुक जी आचार्य पाण्डेय कपिल के कई गो संस्मरण सुनवलन । उनके “जीभ बेचारी का करी “ जइसन कई गो दोहा , गीत  आ गजल सुनवले । आचार्य पाण्डेय कपिल के बारे मे बोलत बेर मनोज भावुक जी उनके भोजपुरी के आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी  के समकक्ष खड़ा कइने । फेर अपने गजल “तनि तनि” से सभे के मोहे मे सफल रहने । उहवें मुख्य अतिथि अशोक श्रीवास्तव जी अपने भोजपुरी गीत से सभे के गुदगुदवने । अंतिम मे गोष्ठी के अध्यक्ष  हिन्दी के वरिष्ठ कवि महेश सक्सेना जी अपने गीत आ गजल से गोष्ठी के अपने चरम पर पहुंचा दीहने । गोष्ठी के सफल संचालन अदरणीया डॉ तारा गुप्ता अंत तक सभे के बान्ह के राखे मे कामयाब रहनी । कुल मिला के ई कहल जा सकत बा कि संस्कार भारती के ई गोष्ठी ढेर दिन तक सभे के जेहन मे रही ।

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